चाँदी
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| प्रतीक | Ag |
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| परमाणु क्रमांक | 47 |
| रासायनिक शृंखला | संक्रमण धातु |
| परमाणु द्रव्यमान | 107.868 |
चाँदी (Silver) एक अत्यंत चमकीली, श्वेत और बहुमूल्य धातु है। इसका परमाणु क्रमांक 47 तथा परमाणु द्रव्यमान 107.868 है। रसायन विज्ञान की आवर्त सारणी में इसे 'Ag'[1] प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है। यह एक तन्य और आघातवर्ध्य धातु है, अतः इसका उपयोग प्राचीन काल से ही आभूषण, सिक्के और बर्तन बनाने में होता आ रहा है।[2]
इसका परमाण्विक इलेक्ट्रॉन विन्यास 1s2 2s2 2p6 3s2 3p6 3d10 4s2 4p6 4d10 5s1 है। सभी धातुओं की तुलना में चाँदी सर्वाधिक विद्युतचालक और ऊष्माचालक है। अपनी इसी उत्कृष्ट चालकता के कारण इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सौर पैनलों में किया जाता है। चाँदी सामान्यतः ऑक्सीजन के प्रति अक्रिय होती है, लेकिन वायुमंडल में उपस्थित हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) के साथ अभिक्रिया करने पर इसके ऊपर सिल्वर सल्फाइड (Ag2S) की एक काली परत जम जाती है, जिसे मलिनता या जंग लगना कहते हैं।[3]
प्राप्ति और उपयोग
[संपादित करें]प्रकृति में चाँदी स्वतंत्र (देशी चाँदी) और संयुक्त, दोनों रूपों में पाई जाती है। इसके मुख्य अयस्कों में अर्जेंटाइट (Ag2S) और हॉर्न सिल्वर (AgCl) प्रमुख हैं। इसके महत्वपूर्ण उपयोग निम्नलिखित हैं:[4]
- आभूषण और मुद्रा: इसके मूल्य और चमक के कारण इसका उपयोग आभूषणों और सिक्कों के निर्माण में होता है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: उच्च विद्युत चालकता के कारण सर्किट बोर्ड और स्विच बनाने में।
- चिकित्सा: चाँदी के आयनों में उत्कृष्ट रोगाणुरोधी गुण होते हैं, इसलिए इसका उपयोग जल शोधन और घाव की पट्टियों में किया जाता है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ लैटिन शब्द 'Argentum' से
- ↑ "Silver | Facts, Properties, & Uses | Britannica". Encyclopedia Britannica (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-04-17.
- ↑ "The d- and f- Block Elements". Chemistry: Textbook for Class XII (अंग्रेज़ी भाषा में). NCERT. 2022.
- ↑ "Silver Statistics and Information". USGS (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-04-17.